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गरोठ की नर्स प्रियंका गिरफ्तार, आत्महत्या मामले में नया मोड़… परिजनों ने 10 लोगों पर लगाए गंभीर आरोप..!

फिलहाल सिर्फ प्रियंका पर कार्रवाई, अन्य नामों पर जांच बाकी आवेदन में प्रताड़ना, धमकी और संपत्ति दबाव के आरोप..!

 

 

हमारे बेटे को उकसाया गया…परिवार का दावा, पुलिस से बाकी नामों की जांच की मांग..!

 

राकेश ग्वाला 

गरोठ एक्सप्रेस न्यूज़ 

गरोठ-नीमच क्षेत्र में सामने आए आत्महत्या के चर्चित मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। गरोठ सिविल अस्पताल में पदस्थ नर्स प्रियंका परमार की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम बात यह सामने आई है कि अभी तक पुलिस ने केवल प्रियंका के खिलाफ ही कार्रवाई की है, जबकि मृतक के परिजनों ने अपने आवेदन में करीब 10 लोगों के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

मृतक रोहित जांगड़े के पिता द्वारा पुलिस को दिए गए विस्तृत आवेदन में बताया गया है कि शादी के बाद से ही उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आवेदन के अनुसार, प्रियंका परमार द्वारा रोहित को बार-बार अपमानित किया जाता था, उसे बेरोजगार कहकर ताने दिए जाते थे और घरेलू विवाद को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी रहती थी। परिजनों का यह भी कहना है कि कई बार जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे मामलों में फंसाने की बात कही गई।

इसी आवेदन में परिजनों ने प्रियंका के अलावा उसके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी उल्लेखित किए हैं। इनमें अजीत परमार, प्रीति परमार, लक्ष्मी परमार, लेखराज परमार सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन सभी लोगों को अभी पुलिस द्वारा आरोपी घोषित नहीं किया गया है, बल्कि परिजनों ने केवल आवेदन में इनके खिलाफ आरोप लगाए हैं। फिलहाल इन नामों को लेकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आ रही है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक पर संपत्ति को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि गरोठ स्थित मकान को अपने नाम कराने और नीमच में नया मकान दिलाने की मांग की जा रही थी। साथ ही, नकद राशि की मांग और मांग पूरी नहीं होने पर तलाक तथा झूठे केस में फंसाने की धमकियां भी दी जा रही थीं। इन सभी बातों के चलते रोहित लगातार मानसिक तनाव में था।

परिजनों ने यह भी दावा किया है कि इस पूरे मामले से जुड़े कुछ डिजिटल साक्ष्य जैसे व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री उनके पास मौजूद है, जिसे उन्होंने आवेदन के साथ संलग्न किया है। उनका कहना है कि यदि इन सबूतों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है और उनका कहना है कि उनके बेटे को इस स्थिति तक पहुंचाने में केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कई लोगों की भूमिका रही है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आवेदन में जिन-जिन लोगों के नाम दिए गए हैं, उनकी भी निष्पक्ष और गहन जांच की जाए।

फिलहाल पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए प्रियंका परमार को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या जांच के दौरान अन्य नामों की भूमिका सामने आती है या नहीं।

गरोठ और आसपास के क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, वहीं पुलिस के अगले कदम का इंतजार भी बना हुआ है।

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