भानपुरा कार्यालय में आज भी सजता है जनता दरबार, पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़ पर कायम भरोसा..!
विधायक पद खत्म, लेकिन सेवा नहीं—हर दिन सुनवाई, हर समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश..!
पद गया, पर जनता से रिश्ता नहीं—देवीलाल धाकड़ आज भी लोगों के बीच सबसे मजबूत चेहरा..!
राकेश ग्वाला..!
गरोठ एक्सप्रेस न्यूज़..!
गरोठ। राजनीति में अक्सर देखा जाता है कि

पद खत्म होते ही नेताओं की सक्रियता भी कम हो जाती है, लेकिन गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के पूर्व विधायक देवीलाल धाकड़ इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर रहे हैं। आज भी उनका भानपुरा स्थित कार्यालय आम जनता के लिए खुला रहता है, जहां रोजाना लोगों की भीड़ अपने समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है।
कभी विधायक रहे देवीलाल धाकड़ ने अपने कार्यकाल में जिस तरह जनता के बीच सीधा संवाद कायम किया था, वही सिलसिला आज भी जारी है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उनके पास पद नहीं है, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह पहले जैसी ही बनी हुई है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोग आज भी उन्हें अपने नेता के रूप में देखते हैं और अपनी समस्याएं लेकर सीधे उनके पास पहुंचते हैं।
भानपुरा स्थित उनके कार्यालय में रोजाना एक तरह से जनता दरबार जैसा माहौल देखने को मिलता है। यहां किसान, व्यापारी, युवा और आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और धाकड़ उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी बात सुनते हैं। कई मामलों में वे तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर समाधान की दिशा में कदम भी उठाते हैं।
सबसे खास बात यह है कि देवीलाल धाकड़ का स्वभाव हमेशा से सरल और मिलनसार रहा है। यही कारण है कि लोग उनसे खुलकर अपनी बात कह पाते हैं। उनके पास आने वाले कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का कहना है कि “धाकड़ सिर्फ सुनते नहीं, बल्कि समाधान निकालने में विश्वास रखते हैं।
आज भी क्षेत्र में किसी भी समस्या या संगठनात्मक मुद्दे को लेकर सबसे पहले फोन देवीलाल धाकड़ को ही लगाया जाता है। उनकी संगठन में मजबूत पकड़ और प्रशासनिक अनुभव का फायदा आज भी क्षेत्र की जनता को मिल रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है कि बिना किसी पद के भी जिस तरह से देवीलाल धाकड़ सक्रिय हैं, वह अन्य नेताओं के लिए एक मिसाल है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि असली जनप्रतिनिधि वही होता है, जो पद से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और सेवा भाव से जनता के दिलों में जगह बनाता है।
कुल मिलाकर, गरोठ-भानपुरा क्षेत्र में आज भी देवीलाल धाकड़ का प्रभाव और जनसंपर्क पहले जैसा ही मजबूत दिखाई देता है। उनका कार्यालय सिर्फ एक दफ्तर नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों का केंद्र बन चुका है—जहां हर दिन समस्याएं आती हैं और समाधान की राह निकलती है।



