भानपुरा में अंबेडकर जयंती पखवाड़ा: संगोष्ठी में गूंजे शिक्षा, समानता और अधिकार के विचार..!
मुझे पूजने की नहीं, पढ़ने की जरूरत है” – बाबा साहब के संदेश से युवाओं को मिली प्रेरणा..!

भानपुरा। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पखवाड़ा के तहत मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ग्राम लेदी चौराहा स्थित पंचमुखी बालाजी मंदिर परिसर में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भेरूलाल कोयल (सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर, वर्तमान अधिवक्ता) रहे। परामर्शदाता अनिल कुमार बागड़ी ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता भेरूलाल कोयल ने कहा कि बाबा साहब का राष्ट्र निर्माण में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने जातिवाद, भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को नई दिशा दी, जो आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने बाबा साहब के प्रेरणादायक विचारों को याद करते हुए कहा, खुद को शिक्षित करो, क्योंकि शिक्षा प्रगति की रीढ़ है और मैं मूर्तियों में नहीं, किताबों में हूं, मुझे पूजने की नहीं पढ़ने की जरूरत है। इन विचारों ने उपस्थित युवाओं को शिक्षा के महत्व को समझने और आत्मविकास की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।
ब्लॉक समन्वयक मुकेश सोलंकी ने जानकारी दी कि डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण हुआ, जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। वे देश के पहले विधि मंत्री भी बने और उन्होंने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नवांकुर संस्था अर्पण सेवा समिति के समन्वयक राजेश बैरागी ने कहा कि बाबा साहब ने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संविधान निर्माण में अमूल्य योगदान दिया।
कार्यक्रम में परामर्शदाता शिवा
बंबोरिया, लोकेश कुमार जांगड़े, जगदीश मिश्रा, ललित प्रजापति सहित नवांकुर संस्था के सदस्य रामदयाल मीणा, नितेश चौहान, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राएं एवं फस्फुटन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




