दुधाखेड़ी माताजी मंदिर की दानपेटी में सेंध…! CCTV में कैद महिला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर 12,500 रुपए हड़पने का आरोप..!
गणना के दौरान दो दिन में रकम गायब—सील लगाने वाली महिला पर ही शक, तहसीलदार ने जारी किया नोटिस..!

आस्था के दरबार में चोरी… CCTV ने खोला राज, अब कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर..!
गरोठ एक्सप्रेस न्यूज़
गरोठ क्षेत्र के प्रसिद्ध दुधाखेड़ी
माताजी मंदिर में आस्था को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंदिर की दानपेटी, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास से चढ़ावा चढ़ाते हैं, वहीं अब चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
मामला उस समय उजागर हुआ जब दानपेटी की नियमित गणना के दौरान रकम में गड़बड़ी सामने आई। जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को गणना में ₹11,000 निकले, वहीं 15 अप्रैल को ₹1,500 की राशि अलग से निकाली गई। कुल मिलाकर ₹12,500 की राशि संदिग्ध तरीके से निकलने का मामला सामने आया।
🔍 CCTV ने खोला पूरा खेल
मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। फुटेज में एक महिला संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दी। आरोप है कि यह महिला सीमा शर्मा, जो रायपुरिया गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पदस्थ है, वही दानपेटी की राशि निकालते हुए कैमरे में कैद हुई।
बताया जा रहा है कि सीमा शर्मा गणना प्रक्रिया में कई बार शामिल रही और दानपेटी पर सील लगाने का कार्य भी उसी के जिम्मे था। ऐसे में शक और भी गहरा हो गया है कि भरोसे की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला ने ही आस्था के साथ खिलवाड़ किया।
⚠️ प्रशासन हरकत में
घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रबंध समिति में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंध समिति सचिव और तहसीलदार विनोद कुमार शर्मा द्वारा संबंधित महिला को नोटिस जारी कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
❓ अब बड़ा सवाल—क्या पुलिस तक पहुंचेगा मामला?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला केवल मंदिर समिति तक सीमित रहेगा या फिर पुलिस में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी? क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और लोग दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
🙏 आस्था पर आघात
जहां एक ओर मंदिर श्रद्धा का केंद्र होता है, वहीं इस तरह की घटना ने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर दोषी पर क्या कदम उठाए जाते हैं।



